Uttarakhand Ankita Bhandari Case; BJP Pulkit Arya | Rishikesh Resort | आज का एक्सप्लेनर: अंकिता ने बताया था- इतना गंदा रिसॉर्ट, मुझे *** बनाना चाहते हैं, खुद को नहीं बेचूंगी; कैसे फंसा पूर्व ‌BJP मंत्री का बेटा | Dainik Bhaskar


The Uttarakhand court sentenced Pulkit Arya, son of a former BJP minister, and two others to life imprisonment for the murder of Ankita Bhandari.
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17 सितंबर 2022 की रात करीब 10 बजे। ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 साल की अंकिता भंडारी अपने दोस्त पुष्प को वॉट्सएप चैट पर लिखती हैं- ये होटल इतना गंदा है। मुझे *** बनाने पर तुले हैं। मैं गरीब हूं तो क्या 10 हजार में बिक जाऊं!' अगले ही दिन

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उत्तराखंड के इस चर्चित हत्याकांड पर 2 साल 8 महीने बाद शुक्रवार को फैसला आया। पौड़ी कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इनमें BJP के पूर्व मंत्री का बेटा पुलकित आर्य भी शामिल है।

कौन थीं अंकिता भंडारी, उम्रकैद तक कैसे पहुंचे उसके तीनों हत्यारे और इस मामले में आगे क्या होगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में...

सवाल-1: अंकिता भंडारी कौन थीं और उनकी हत्या का पता कैसे चला? जवाबः अंकिता पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट गांव के एक गरीब परिवार से थीं। उनके पिता वीरेंद्र भंडारी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। अंकिता होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रही थीं, लेकिन कोविड के दौरान पैसों की तंगी की वजह से पढ़ाई छोड़नी पड़ी। अंकिता ने काम की तलाश शुरू कर दी।

अंकिता को अपने दोस्त पुष्प के जरिए पता लगा कि ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में वैकेंसी है। अंकिता ने कोशिश की और उसे रिसेप्शनिस्ट का काम मिल गया। फिर पहली सैलरी मिलने से पहले ही अंकिता 18 सितंबर की रात रिसॉर्ट से गायब हो गईं।

पैसों की कमी की वजह से अंकिता पढ़ाई छोड़कर नौकरी करने लगी थीं। (फाइल फोटो)

अगले दिन अंकिता की कोई खबर नहीं मिली, तो पिता ने रिसॉर्ट पहुंचकर पूछताछ की। वहां से कुछ पता नहीं लगा तो पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिसॉर्ट का मालिक BJP के पूर्व मंत्री का बेटा पुलकित आर्य था। उसने पुलिस को झूठी कहानी में उलझाने की कोशिश की।

रिसॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि अंकिता 19 सितंबर को रिसॉर्ट मालिक पुलकित, मैनेजर सौरभ और अंकित के साथ बाहर गई थी, लेकिन ये तीनों वापस लौटे तो अंकिता साथ नहीं थीं। सड़कों पर लगे CCTV फुटेज में ये बात वेरिफाई हो गई।

पुलिस के अनुसार, पुलकित ने कथित रूप से अंकिता से रिसॉर्ट के कुछ VIP मेहमानों को ‘स्पेशल सर्विस’ देने को कहा था। जब अंकिता ने इसका विरोध किया, तो उनकी हत्या कर दी गई। 24 सितंबर को रेस्क्यू एजेंसियों ने अंकिता का शव चीला नहर से बरामद कर लिया।

चीला नहर से अंकिता का शव बरामद करते जांच एजेंसी के लोग।

सवाल-2: अंकिता भंडारी की हत्या की शुरुआती जांच पर क्या सवाल उठे? जवाबः अंकिता की हत्या का मुख्य आरोपी पुलकित, BJP के पूर्व नेता और मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। वह घटना के 4 दिन बाद तक गिरफ्त में नहीं आया, क्योंकि पुलिस ने उसकी तलाश ही नहीं की।

अंकिता का फोटो वायरल होने के बाद लोग सड़कों पर उतरे, तो पुलकित के परिवार ने ही उसे बचाने के लिए पुलिस को मामला सौंपा। उसकी निशानदेही पर ही अंकिता का शव मिला।

इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा की महिला विधायक रेणु बिष्ट बेहद सक्रिय रहीं। रिसॉर्ट से लेकर मॉर्च्युरी तक उनकी मौजूदगी से सवाल उठे। वे तभी हटीं, जब नाराज लोगों ने उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। सवाल रिसॉर्ट में आगजनी को लेकर भी उठे।

वहीं, अंकिता के पिता ने आरोप लगाया था कि रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर वहां मौजूद सबूत मिटाने की कोशिश की गई। पूछे जाने पर सरकारी अफसरों ने रिसॉर्ट तोड़ने का आदेश देने की बात से ही इनकार कर दिया।

ये पुलकित आर्य के रिसॉर्ट की फोटो है। घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने यहां आग लगा दी थी।

सवाल-3: अंकिता ने दोस्त को चैट में ऐसा क्या बताया था कि केस सुर्खियों में आ गया? जवाबः अंकिता मर्डर केस के खुलासे में एक अहम कड़ी बना अंकिता का जम्मू में रहने वाला दोस्त पुष्प, जो इस केस का गवाह भी है। अंकिता और पुष्प की रोज बात होती थी। हत्या से पहले 17 और 18 सितंबर को अंकिता ने पुष्प को चैट में कई अहम बातें बताई थीं। अंकिता के लापता होने के बाद पुष्प ने ये चैट पुलिस और पत्रकारों को दिखाई, जिससे इस वारदात में सेक्शुअल एब्यूज का खुलासा हुआ। हम यहां अंकिता और पुष्प की बातचीत के कुछ अंश दे रहे हैं...

पौड़ी जिले के पत्रकार विजय रावत बताते हैं कि मुझे इस घटना के बारे में 20 सितंबर को पता चला। अंकिता के पिता परेशान थे और एक पुलिस चौकी से दूसरी चौकी भटक रहे थे। प्रशासन में उनकी कोई नहीं सुन रहा था। उसी दिन अंकिता के दोस्त ने मुझसे संपर्क किया और ये सारी चैट्स दिखाईं।

सवाल-4: इन्वेस्टिगेशन और चार्जशीट के मुताबिक आखिर अंकिता के साथ क्या हुआ था? जवाबः 30 जनवरी 2023 को कोटद्वार की ADJ कोर्ट में केस की पहली सुनवाई हुई। सरकारी वकील जितेन्द्र रावत ने पुलिस की 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। रावत ने मजिस्ट्रेट भावना पांडे को चार्जशीट के हवाले से बताया-

  • 19 साल की अंकिता ने 28 अगस्त 2022 को ऋषिकेश के पास यमकेश्वर ब्लॉक में वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी शुरू की। यह रिसॉर्ट गंगा भोगपुर में था और इसका मालिक पुलकित आर्य था। पुलकित ‌BJP से निष्कासित और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है।
  • वनंतरा रिसॉर्ट में VIP मेहमानों के लिए स्पेशल सर्विस यानी सेक्स करने का इंतजाम था। रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और असिस्टेंट मैनेजर अंकित गुप्ता अंकिता पर स्पेशल सर्विस देने का दबाव डालने लगे।
  • अंकिता ने इस तरह के काम करने से साफ इनकार कर दिया और नौकरी छोड़ने की बात कही। इससे पुलकित को डर लगने लगा कि वह रिसॉर्ट में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा कर सकती है।
  • 18 सितंबर 2022 को अंकिता ने सुबह अपनी रिसेप्शनिस्ट की ड्यूटी शुरू की। दोपहर तक सब ठीक रहा, फिर अंकिता और पुलकित के बीच तीखी बहस हुई। तब तीनों ने मिलकर अंकिता को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
  • शाम करीब 6 बजे पुलकित ने अंकिता से कहा कि रिसॉर्ट के काम से ऋषिकेश जाना है। अंकिता को एक गाड़ी में बिठाया और ऋषिकेश की ओर चीला नहर की तरफ चल दिए। CCTV फुटेज और मोबाइल फोन की लोकेशन से इसका खुलासा हुआ।
  • रात करीब 8 से 9 बजे के बीच गाड़ी चीला नहर के पास एक सुनसान जगह पर रुकी। यहां तीनों ने अंकिता पर हमला किया और उसे नहर में धक्का दे दिया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के मुताबिक, अंकिता के शरीर पर चोट के निशान मिले, जिससे पता चला कि धक्का देने से पहले अंकिता को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
  • इसके बाद तीनों आरोपी रिसॉर्ट लौटे, अपने कपड़े बदले और गाड़ी को साफ किया, ताकि कोई सबूत न रहे। रात में आरोपियों ने नॉर्मल बिहेव किया जिससे किसी को शक न हो, लेकिन विवेक आर्य जैसे कुछ कर्मचारियों को अंकिता की गैरमौजूदगी पर संदेह हो गया।

अंकिता के हत्यारे। बाएं से पुलकित, अंकित और सौरभ।

सवाल-5: अंकिता के तीनों हत्यारे उम्रकैद की सजा तक कैसे पहुंचे? जवाबः पुलिस की शुरुआत जांच में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित ने बताया कि अंकिता भंडारी रिसॉर्ट के एक कमरे में रहती थी। कुछ दिन से वह मानसिक तनाव से गुजर रही थी। इसलिए वह और उसके दोस्त 18 सितंबर को अंकिता को ऋषिकेश घुमाने ले गए थे। देर रात सभी वहां से वापस आए। लौटकर सभी रिसॉर्ट में बने अलग-अलग कमरों में सोने चले गए। 19 सितंबर की सुबह अंकिता अपने कमरे से गायब थी।

20 सितंबर को मामले की गंभीरता को देखते हुए CM पुष्कर सिंह धामी ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम, यानी SIT का गठन किया। DIG पी. रेणुका देवा ने SIT को लीड किया और इस टीम में ADGP वी. मुरुगेसन भी शामिल रहे। SIT को तेजी से जांच करने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का निर्देश दिया गया…

  • SIT ने रिसॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश जाते समय अंकिता इन लोगों के साथ थी, लेकिन वह इनके साथ लौटकर नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने ऋषिकेश के रास्ते पर लगे हुए तमाम CCTV कैमरों के फुटेज चेक किए। इनसे यह बात साबित हुई कि रिसॉर्ट से जाते समय कुल चार लोग थे, लेकिन वापस तीन ही लौटे।
  • 24 सितंबर को उत्तराखंड पुलिस के राज्य आपदा प्रक्रिया बल ने चीला नहर के बैराज से अंकिता का शव बरामद किया। AIIMS ऋषिकेश की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलकित, सौरभ और अंकित को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों ने हत्या की बात कबूल की।
  • तीनों आरोपियों पर IPC धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना), 354A (छेड़छाड़ और लज्जा भंग), 120B (आपराधिक साजिश) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 5(1)B के तहत मामला दर्ज किया।
  • पुलिस ने चार्जशीट में 97 गवाहों का जिक्र किया, लेकिन सिर्फ 47 गवाह ही गवाही देने पहुंचे। इसमें अंकिता का दोस्त विवेक आर्य और JCB चालक दीपक प्रमुख थे। दरअसल, SIT को जांच में पता चला कि आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। रिसॉर्ट में दीवारें तुड़वाईं और आग भी लगवा दी।
  • 28 मार्च 2023 को अभियोजन पक्ष ने गवाहों को पेश करना शुरू किया। इसमें विवेक आर्य ने अंकिता की वॉट्सएप चैट और फोन कॉल के बारे में गवाही दी। JCB चालक ने रिसॉर्ट तोड़ने और सबूत मिटाने की पुष्टि की। अन्य कर्मचारियों ने रिसॉर्ट में संदिग्ध गतिविधियों और अंकिता पर दबाव की बात बताई।
  • इस केस में मंत्री का बेटा शामिल होने की वजह से राजनीतिक पेंच भी फंसा। अंकिता के परिवार ने बार-बार वकील बदलने की शिकायत की। सरकार ने उनकी मांग पर तीन बार सरकारी वकील बदले और विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी को नियुक्त किया। आरोपियों ने कई बार बेल की याचिका लगाई, लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दी।
  • 19 मई 2025 को अभियोजन और बचाव पक्ष की आखिरी बहस पूरी हुई। कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए 30 मई 2025 की तारीख तय की।
  • 30 मई को कोटद्वार की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जज रीना नेगी ने तीनों आरोपियों को दोषी करार किया। तीनों को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

कोर्ट के बाहर अंकिता के समर्थन में लोग बैनर लिए खड़े नजर आए।

सवाल-6: इस केस में आगे क्या हो सकता है? जवाबः सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील आशीष पांडेय बताते हैं…

  • अंकिता के पिता ने कोर्ट से फांसी की मांग की थी। वो हाईकोर्ट में उम्रकैद को फांसी में बदलने की अपील कर सकते हैं।
  • CrPC की धारा 374 के तहत तीनों आरोपी भी सजा में राहत के लिए हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। हालांकि केस में पुख्ता सबूत और गवाह हैं। ये पूरी प्लानिंग के साथ हुआ कोल्ड ब्लडेड मर्डर है। सजा में राहत मिले, इसकी संभावना बेहद कम है।

कल सुबह 6 बजे ऐसे ही बेहद जरूरी टॉपिक पर पढ़िए और देखिए एक और 'आज का एक्सप्लेनर'

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